मेट्रो मैन के नाम से प्रसिद्द ई. श्रीधरन सीएम योगी के पास गए थे अपना इस्तीफ़ा लेकर लेकिन इस्तीफे को देखते ही योगी आदित्यनाथ ने उठाया ऐसा कदम जिसके बाद..

मेट्रो मैन के नाम से प्रसिद्द ई. श्रीधरन सीएम योगी के पास गए थे अपना इस्तीफ़ा लेकर लेकिन इस्तीफे को देखते ही योगी आदित्यनाथ ने उठाया ऐसा कदम जिसके बाद..



इंदौर के 85 वर्षीय मेट्रो मैन हाल ही में तब चर्चा में आये जब कहा जा रहा था कि बीजेपी की तरफ से उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है. हालाकिं बाद में इसे महज अफवाह बताया गया और रामनाथ कोविंद को बीजेपी ने अपना प्रताशी चुना. सभी जानते हैं रमानाथ कोविंद ने जीत हासिल की और भारत के राष्ट्रपति बने हैं. बीजेपी सरकार में सभी मंत्री अपना काम बखूबी निभा रहे हैं और दिन रात मेहनत कर रहे हैं. इस बीच एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया, दरअसल मेट्रो मैन कहे जाने वाले ई श्रीधरन ने एक महीने पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी.











मुलाकात में दिया ई श्रीधरन ने अपना इस्तीफ़ा..



इस मुलाकात में सबसे चौकाने वाली बात ये रही कि ई श्रीधरन ने योगी जी को अपना इस्तीफ़ा दे दिया. आपको बता दें ई श्रीधरन ने लखनऊ और कानपुर मेट्रो प्रॉजेक्ट्स के लिए सलाहकार की भूमिका से इस्तीफा दिया था. इस बात का खुलासा ई श्रीधरन ने कोच्चि में डीएमआरसी ऑफिस के कॉन्फ्रेंस रूम में किया था. उन्होंने ये भी बताया लखनऊ में 10.5 किलोमीटर की पहले फेज की मेट्रो बनकर तैयार है, बस उसका मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त को निरीक्षण करना रह गया है.










इस्तीफे के बदले मिला ये जवाब…

इस्तीफे को देखने के बाद योगी आदित्यनाथ ने 85 वर्षीय ई श्रीधरन से कहा कि मैं आपका इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं कर सकता हूँ, मैं वाराणसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर को भी तुम्हारे काम में जोड़ रहा हूं। श्रीधरन लंबे समय से मेट्रो के लिए काम कर रहे हैं.










जब पुछा गया राष्ट्रपति पद को लेकर सवाल…


ई श्रीधरन का मानना है कि हमें हर साल लगभग 200 किलोमीटर मेट्रो ट्रैक बनानी होगी और अभी हम सिर्फ 22 किलोमीटर ही कवर कर पाते हैं. ये उनके काम का ही नतीजा है जो उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया.











आपको बता दें उन्होंने राष्ट्रपति पद के बारे में पूछे जाने पर हँसते हुए कहा कि मुझे कभी इस पद कि लिए संपर्क नहीं किया गया था. यह सभी मीडिया का फैलाया झूठ है और एक 85 साल का आदमी देश का राष्ट्रपति नहीं हो सकता.



वो पांच बातें जो ई श्रीधरन को बनाती हैं इतना सफल..

भारत में कहा जाता है कि कोई सरकारी कम समय पर पूरा नहीं होता लेकिन मेट्रो मैन ने इसे बिलकुल गलत साबित किया है, उन्होंने हर काम को समय पर और बेहतरीन तरीके से पूरा किया है.










1.समय की पाबन्दी

एक बार जब 1963 में आये भयंकर तूफान में रामेश्वरम् को तमिलनाडु के मुख्य भू-भाग से जोड़ने वाले ‘पंबन ब्रिज’ को बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. इस क्षति को ठीक करने के लिए रेलवे ने उसकी मरम्मत के लिए छह महीने का लक्ष्य रखा था , जिसे श्रीधरन के तत्कालीन बॉस (जिनके अधिकार क्षेत्र के अंदर यह ब्रिज आता था) ने घटा कर तीन महीने कर दिया और इसका जिम्मा श्रीधरन को दिया गया, श्रीधरन के ये काम मात्र 46 दिन में ही यह काम पूरा कर दिया. उनका मानना है कि किसी भी काम में सफल होने के लिए पंक्चुएलिटी बहुत जरूरी है.


2. ईमानदारी





3. स्पष्ट द्रष्टि
4. योग्यता
5. सभी की भागीदारी

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